📿108 मनका जप माला काउंटर
माला का प्रकार: तुलसी माला अथवा श्वेत/रक्त चंदन माला
जप गति (Speed):
मंत्र स्वर (Voice):
0/ 108 जप👇 पुश करें (Push)
📿1 जप पूर्ण होने तक दबाकर रखें (Hold to push 1 Jap)
कुल माला:0
प्रगति:0%
माँ गायत्री / सूर्यदेव
गायत्री महामंत्र
Maha Gayatri Mantra
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
Om Bhur Bhuva Swaha Tat Savitur Varenyam | Bhargo Devasya Dheemahi Dhiyo Yo Nah Prachodayat ||
जप संकल्प एवं संचित प्रगति
संकल्प लक्ष्य
108जप
📿कुल संचित जप
0पूर्ण
प्रगति:0%शेष: 108 जप
मंत्र का भावार्थ
उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अंतरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करे।
We meditate on the supreme transcendental radiance of that divine Sun, who illuminates all realms. May that light inspire and illumine our intellect and understanding.
वैदिक महात्म्य एवं साधना विधि
जप के लाभ एवं फल
- ✓स्मरण शक्ति, एकाग्रता और दिव्य प्रज्ञा को जाग्रत करता है
- ✓पूर्व जन्मों के कर्म दोषों और अज्ञान का नाश करता है
- ✓उच्च चेतना और प्राण ऊर्जा का संचार करता है
- ✓परम शांति, मानसिक स्पष्टता और सात्विक बुद्धि प्रदान करता है
🛡️सर्वकल्याणकारी फलश्रुति
जप का शुभ समय
सूर्योदय, मध्याह्न अथवा सूर्यास्त (त्रिसंध्या काल)
उचित जप माला
तुलसी माला अथवा श्वेत/रक्त चंदन माला
📿प्रामाणिक वैदिक साधना
शास्त्र एवं पौराणिक महत्व
“वेदों की जननी 'वेदमाता गायत्री', जिसका उल्लेख ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद में आत्मज्ञान हेतु सर्वोत्तम माना गया है।”
📜वेद-शास्त्र प्रमाण